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Rocketry teaser: R Madhavan plays a scientist wronged by his nation

रॉकेटरी टीज़र: आर माधवन अपने राष्ट्र के एक वैज्ञानिक द्वारा निभाई गई भूमिका निभाते हुए आ रहे है.

ENGLISH

R Madhavan will be seen as scientist S. Nambi Narayan in his upcoming movie, Rocketry.The film release in summer 2019.The film is based on the life of controversial scientist Narayanan Nambi and will be released in English, Tamil and Hindi.

The first teaser for actor R Madhavan’s upcoming film Rocketry-The Nambi Effect is out. It is based on the life of scientist and aerospace engineer S. Nambi Narayanan.

The teaser begins with a rocket launch and some figures detailing how India was able to send a mission to Mars in just one attempt while USA and Russia took 19 and 16 attempts and almost double the cost. As the rocket takes to the sky, we zoom out to a man held captive behind bars, watching the rocket with sad eyes.

Madhavan took to Instagram on Monday to talk about his new film. “There are many personal stories in the world you would have heard about and many more you have no clue about. But there are a few stories knowing nothing about which means that you know very little about your nation.

“Nambi Narayanan’s story is one such story. Because when you hear this man’s story, and see his achievements, then I promise you will never be able to stay slient. Rocketry – The Nambi Effect… For those who don’t know will be aware and for those who think they know this will be a revelation.”

As a senior official at the Indian Space Research Organisation (ISRO), Narayanan was in-charge of the cryogenics division. In 1994, he was falsely charged with espionage and arrested. The charges against him were dismissed by the Central Bureau of Investigation (C.B.I.) in 1996, and the Supreme Court of India declared him not guilty in 1998.

The head of the ISRO’s promising Cryogenics Division, Nambi Narayan was tasked to scout for the cryogenic technology to propel the space programme to greater heights. He was arrested in 1994 for allegedly trading India’s space secrets to Pakistan. Kept in police custody for 50 days, the case was later transferred to the CBI.

The CBI later closed the case against him citing lack of evidence. Almost 24 years later, the Supreme Court said the charges against the scientist were trumped up by the Kerala Police.

The teaser starts with the launching of a rocket and Madhavan’s commentary in the background. Madhavan, who is playing the role of scientist S Nambi Narayanan, narrates the plot of the film and can be heard saying, “Agar mein aapse yeh kahun ki yeh karnama hum bees saal pehele hee haasil kar sakte the…toh…”(If I say that we could have achieved this miracle 20 years ago). The teaser ends with a zoom out shot of the actor who enters the frame towards the end.

Minutes after the launch, the teaser received a warm welcome on social media.

HINDI

एक्टर आर माधवन इसरो के पूर्व वैज्ञानिक एस. नंबी नारायणन पर बन रही फिल्म  ‘रॉकेट्री: द नंबी इफेक्ट’ लेकर आ रहे हैं। कुछ मिनट पहले ही फिल्म का टीजर और पहला पोस्टर रिलीज किया गया है। आर माधवन की यह फिल्म हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, तेलगु और मलयालम में बन रही है। इस फिल्म का निर्देशन अनंत महादेवन और एक्टर आर. माधवन ने किया है।

टीजर की शुरुआत में रॉकेट लॉन्च होते हुए दिखाया गया है। इसी के साथ आंकड़ों के जरिए ये बताया गया है कि कैसे मंगल मिशन को पूरा करने में अमेरिका की स्पेस संगठन नासा को 19 बार प्रयास करना पड़ा। रूस ने यह मिशन 16 प्रयासों के बाद पूरा किया जबकि भारत ने इन दोनों देशों से आधी कीमत में पहली बार में ही यह मिशन पूरा कर लिया था। टीजर देखने के बाद यकीनन आपको अपने देश पर गर्व होगा।

फिल्म की कहानी एक ऐसे वैज्ञानिक की है जिसे जासूस घोषित कर दिया गया। 24 साल वो इसके खिलाफ लड़ता रहा और उसे इंसाफ मिलने में दो दशक से ज्यादा का समय लग गया। आर माधवन की इस फिल्म में आपको वो सब देखने को मिलेगा जो नंबी नारायणन की जिंदगी में घटा है।

एस. नंबी नारायणन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के एक वरिष्ठ अधिकारी के रूप में क्रायोजेनिक्स डिपार्टमेंट में इंचार्ज थे। नंबी 1970 के समय से लिक्विड फ्यूल वाले इंजनों के क्षेत्र में काम कर रहे थे जो आगे चलकर भारत को बहुत फायदा पहुंचाते। लेकिन 1994 में नंबी को जासूसी के झूठे आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था। नंबी और उनके साथियों पर पाकिस्तान को इसरो रॉकेट इंजन की सीक्रेट जानकारी और अन्य जानकारी दूसरे देशों को देने के आरोप थे। इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारियों ने नारायणन से पूछताछ शुरू की। हालांकि नारायणन ने आरोपों का खंडन किया और इसे गलत बताया।

सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार द्वारा इस मामले की फिर से जांच के आदेश को खारिज कर दिया और कोर्ट ने 1998 में उन्हें दोषों से बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि नंबी नारायण को गिरफ्तार किया जाना गैरजरूरी था, उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। 14 सितंबर 2018 को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली पीठ ने सुप्रीम कोर्ट ने उत्पीड़न का शिकार हुए इसरो वैज्ञानिक नारायणन को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। कोर्ट ने इस मामले में एक जूडिशल जांच का भी आदेश दिया।

बता दें सिबी मैथ्यू वो अफसर हैं, जिन्होंने इस जासूसी कांड की जांच की थी। CBI ने भी अपनी रिपोर्ट में नंबी की गिरफ्तारी के लिए इन्हीं अफसरों को जिम्मेदार ठहराया था।

इस फिल्म में नंबी नारायणन के संघर्ष की कहानी दिखाई जाएगी। दरअसल, इस साइंटिस्ट का नाम बहुत ही कम लोगों ने सुना। नंबी एक इंडियन रॉकेट साइंटिस्ट है, लेकिन उनपर देश से गद्दारी करने का आरोप लगाया और उन्हें करीब 50 दिन जेल तक में बंद रहे। लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी और वे सफल रहे। माधवन इस फिल्म के जरिए पूरे इंडिया को बताना चाह रहे है आखिर कौन है नंबी नारायणन।

एस. नंबी नारायणन

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