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Career in Interior Designing in India

इंटीरियर डिजाइनिंग में करियर

दोस्तों ! आजकल डिजाइनिंग का क्षेत्र बहुत ही व्यापक तथा विस्तृत हो गया है। यदि आपमें कला का कौशल तथा कल्पना शक्ति है तो आप Designing क्षेत्र के लिए ही बने हैं। इसमें भी आपको एक ख़ास क्षेत्र का चुनाव करना होता है।आज हम आपको Interior Designing के बारे में जानकारी देंगे। यदि आप इंटीरियर डिजाइनिंग में करियर बनाना चाहते हैं तो यह पोस्ट आपके लिए है।

इंटीरियर डिज़ाइनर के कार्य (Interior Designer Definition / What does an Interior Designer do) –

Interior Designer का कार्य होता है- भवनों, इमारतों, मकानों, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्सों (Business Complexes), इत्यादि की अन्दरूनी Designs तैयार करना। एक अच्छे इंटीरियर डिजाइनर का कार्य होता है कि कोई भी इमारत अन्दर से कैसे सुंदर एवं आकर्षक लगे तथा साथ ही उसका उपयोग करने वालों अथवा उसमें रहने वालों को हर प्रकार की सुविधा हो तथा कम व्यय में यह सब किस प्रकार से तैयार किया जाए।

इंटीरियर डिजाइनर ही मकान अथवा भवन के अंदर लगाए जाने वाले फर्नीचर, दीवारों के रंग, पर्दों इत्यादि की योजना तैयार करते हैं। वहां रहने वालों को प्रत्येक प्रकार का आराम महसूस हो। उस स्थान की थोड़ी सी भी अधिकतम उपयोग किया जा सके।

बड़े-बड़े औद्योगिक घराने, प्रसिद्ध फाइव स्टार होटल्स आदि से संबंधित कंपनियां स्वयं के लिए Interior Designer and Decorator की हर संभव सहायता लेती है। किसी बड़ी दुकान, बैंक, क्लब ,होटल या रेस्टोरेंट की आतंरिक सजावट करने हेतु इंटीरियर डिजाइनर बेहतरीन काम कर सकते हैं। जो छात्र डिजाइनिंग के क्षेत्र में इच्छुक हैं उनके लिए यह एक उपयुक्त कोर्स है। इस पाठ्यक्रम से विद्यार्थी को यह सिखाया जाता है कि उपलब्ध स्थान को अधिकाधिक आकर्षक तथा सुविधाजनक कैसे बनाया जाए तथा कैसे उसकी उपयोगिता में वृद्धि की जाए।

इंटीरियर डिजाइनर के अंदर कलात्मकता तथा कल्पनाशक्ति का पूर्ण विकास होना चाहिए। साथ ही उसमें इस बात की योग्यता भी होनी चाहिए कि वह अपनी बात दूसरे को समझा सके तथा दूसरे लोग उसके किए गए कार्य की ओर आकर्षित हों। इसके अलावा उसे थ्री डायमेंशनल दृष्टि से सोचना चाहिए और उसमें किसी भी वस्तु के संबंध में नए सिरे से विचार कर उसका मॉडल बनाने की क्षमता होनी चाहिए। तथा उसमे रंगों, प्रकाश व सजावट के समन्वय की अद्भुत क्षमता होनी चाहिए।

पाठ्यक्रम के विषय (Interior Designing Course Details in Hindi)

कला के Basic Designs, वास्तुकला डिजाइन के सिद्धांत (Principles of Architectural Design), कागज पर रेखांकन (Drawing), Furniture आदि के लिए उपयुक्त स्थान का चयन करना तथा प्रारूप बनाना, Furniture की Formatting तैयार करना तथा जरुरत के अनुसार अधिकतम तथा न्यूनतम सामग्री का चयन कर उनकी रचना निर्माण, सजावट की वस्तु का चुनाव तथा उनका उपयुक्त स्थान निर्धारण, लागत खर्च का अनुमान तैयार करना, Furniture की Formatting के अनुसार ही सही हैंडल, ताले, परदे तथा कालीन आदि का चयन तथा निर्धारण करना। इसके साथ ही कुछ अंशों में कार्यालय तथा निजी व्यवसाय की प्रारंभिक शिक्षा भी दी जाती है।

Interior Designing के क्षेत्र में Scope (Interior Designing Salary) –

आज के युग में सजावट तथा चमक-दमक का महत्व बहुत अधिक बढ़ गया है आंखों को आकर्षक लगने वाली सजावट एकदम प्रभावित करती है इसलिए इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर दिन-प्रतिदिन बढ़ने की संभावना निरंतर बनी रहती है। इस Course को करने के पश्चात छात्र अच्छी कंपनी व संस्थाओं में अच्छा वेतन प्राप्त कर सकते हैं। छोटी संस्थाओं में 8000 से 10000 व अच्छी संस्थाओं में10 से ₹20000 मासिक वेतन प्राप्त किया जा सकता है। यही नहीं, धीरे-धीरे अनुभव के आधार पर और भी अच्छा वेतन पाया जा सकता है। यह छात्र की योग्यता पर निर्भर करता है कि वह कितने वेतन पर कहां नौकरी पाता है। इसके अतिरिक्त इंटीरियर डिजाइनर किसी प्रदर्शनी अथवा प्रोजेक्ट का कॉन्ट्रैक्ट ले सकते हैं जिसमें उनकी अच्छी आय हो सकती है। कुछ प्रोजेक्ट में डिजाइनर को प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जाता है। कोर्स के पश्चात छात्र चाहे तो डिजाइनर फर्नीचर व सजावटी वस्तुओं का निर्माण कार्य शुरू कर सकता है जिसके लिए वह अपना शोरूम खोल सकता है अथवा बड़े स्टार्स पर सप्लाई कर सकता है।

इंटीरियर डिजाइनिंग के पाठ्यक्रम में शिक्षित व्यक्तियों के लिए राजकीय क्षेत्र में तो रोजगार के अवसर बहुत ही कम होते हैं लेकिन ज्यादातर रोजगार निजी क्षेत्र में ही है। विभिन्न सरकारी तथा अर्ध सरकारी होटलों विश्रामगृह विभिन्न उद्यमियों के कार्यालयों की सजावट का कार्य मिल सकता है। स्पष्ट है कि यह निजी व्यवसाय के रूप में शहरों तथा महानगरों में विकसित होने वाला तथा अधिक लाभ देने वाला क्षेत्र है। इस क्षेत्र में कार्य करके प्रसिद्धि तथा भरपूर आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इस विषय के विशेषज्ञ इस पर किताब लिख कर भी आमदनी बढ़ा सकते हैं।

Admission की विधि (Interior Designer Qualifications)-

यह एक व्यावसायिक पाठ्यक्रम है अतः प्रवेश कुछ मुश्किल से होता है। यह समाचार पत्रों में प्रवेश सूचना की विज्ञप्ति के माध्यम से होता है। प्रवेश का आधार पूर्व की परीक्षा में प्राप्तांक होते हैं। अतः प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों को अच्छे अंकों के साथ उत्तीर्ण होना चाहिए। सेकेंडरी या हाई सेकेंडरी स्कूल परीक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थी पाठ्यक्रम के लिए पात्र होते हैं। डिज़ाइनर के पाठ्यक्रम हेतु प्रशिक्षणार्थी को 12वीं कक्षा में 7% अंकों के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है जिसमें विज्ञान एवं अंग्रेजी विषय होने अनिवार्य है यदि किसी छात्र ने दसवीं में 50% अंक प्राप्त किए हैं और 12वीं में कुल 50% अंक है तो भी वह पाठ्यक्रम में प्रवेश योग्य है।

पाठ्यक्रम की अवधि, शुल्क तथा छात्रवृत्ति –

एक पाठ्यक्रम की अवधि 3 वर्ष की होती है तथा सफलतापूर्वक परीक्षा उत्तीर्ण करने पर डिप्लोमा प्रदान किया जाता है। कुछ छात्राओं को छात्रवृत्ति तथा कुछ को शुल्क मुक्ति की सुविधा भी उपलब्ध है। अन्य निजी संस्थानों में भी प्रवेश पाया जा सकता है। उनमें शुल्क लगभग 50,000 से शुरू होकर इंस्टिट्यूट के आधार पर 10 लाख या उससे भी अधिक हो सकता है।

कोर्स कहां से करें (Best Institutes for Interior Designing Course in India) –

अब जबकि आप Interior Designing के बारे में जान गए हैं तो अब हमें जानना है कि यह कोर्स किस इंस्टिट्यूट से किया जाए। कोर्स कि ज्यादा जानकारी के लिए और कोर्स करने के लिए Automax studios कि साईट पर जाये

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